नागपुर में औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग पर हुए तनाव के बाद शहर के कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है।
महाराष्ट्र के गृह (शहरी) राज्य मंत्री योगेश कदम ने बताया कि हिंसा के बाद 47 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिसमें 12 से 14 पुलिसकर्मी और 2-3 नागरिक घायल हुए हैं। घटना के कारण की जांच जारी है। उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद, कुछ घंटे बाद समूह ने फिर से उत्पात मचाया, जिसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा सांसद कमलजीत सेहरावत ने जनता से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। वहीं, भाजपा विधायक प्रवीण डटके ने इसे “पूर्व-नियोजित” घटना बताया और पुलिस पर हिंदू नागरिकों का समर्थन न करने का आरोप लगाया।

महाराष्ट्र पुलिस के अनुसार, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत कोतवाली, गणेशपेठ, तहसील, लकड़गंज, पछपावली, शांतिनगर, सक्करदरा, नंदनवन, इमामवाड़ा, यशोधरानगर और कपिलनगर इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है।

आदेश के अनुसार, 17 मार्च को विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के 200-250 सदस्य औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग को लेकर महल इलाके में इकट्ठा हुए। शाम 7:30 बजे भालदापुर में 80-100 लोगों की भीड़ ने कानून-व्यवस्था भंग की, जिसके बाद कर्फ्यू लागू किया गया।
लॉकडाउन के दौरान केवल चिकित्सा कारणों से बाहर जाने की अनुमति होगी, और पांच से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक रहेगी। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत कार्रवाई होगी।